Gujarish

Gar sajda waakai hai dil au rooh ki paak awaaz, to uthaaiye paimaana aur kehiye "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Gar na lage ki is ibaadat gaah main khuda nahin, to ek sher ada kijiye aap bhi "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Tuesday, July 28, 2009

अश्क-ए-जुदाई

तुझे बनाना ख़ुदा की हसरत रही होगी
हमें मिलाना ख़ुदा की फितरत रही होगी
कश्ती डूबने के लिए कश्ती होना लाज़मी है
हमारी कश्ती बना के डूबाना उसकी कोई जरूरत रही होगी

ज़न्नत मे तू मोहब्बत की मूरत रही होगी
खुदाई भी तुमसे कम ख़ूबसूरत रही होगी
तू मुजरिम समझना ख़ुद को गुले-गुलज़ार
तुझसे बिछड़ना मेरी हस्ती की ही कोई कदूरत रही होगी

1 comment:

  1. Hasrat - armaan, desire
    fitrat - sagacity
    Kadurat - bad Blood

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