Gujarish

Gar sajda waakai hai dil au rooh ki paak awaaz, to uthaaiye paimaana aur kehiye "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Gar na lage ki is ibaadat gaah main khuda nahin, to ek sher ada kijiye aap bhi "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Tuesday, September 8, 2009

कब, कहाँ, किसका हुआ कि "जीना एक अंजाम है"
मौत ये पैगाम है कि जिंदगी एक जाम है

ज़िन्दगी यूँ ही काट देना कुछ नहीं और हराम है
ना कर गुजरना कुछ ही सबसे बड़ा कत्ले आम है

आग कुछ और रक्श कुछ अब बस यही फरमान है
इस समंदर मैं जो न तेरा उसका न खुदा है न राम है

मन्दिर और मस्जिद यहाँ पे बस एक और दूकान है
दुआ करके पड़े हुए हैं फ़िर ऊपरवाला बदनाम है

लो हलाहल लील लो, मिलना लहद मैं ही इनाम है
मौत ये पैगाम है की ये ज़िन्दगी एक जाम है

4 comments:

  1. वाह वाह्………………………बहुत खूब ।

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  2. Bahut Barhia... aapka swagat hai... isi tarah likhte rahiye

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