Gujarish

Gar sajda waakai hai dil au rooh ki paak awaaz, to uthaaiye paimaana aur kehiye "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Gar na lage ki is ibaadat gaah main khuda nahin, to ek sher ada kijiye aap bhi "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Friday, October 16, 2009

रंगीन ताजमहल

अब जब ये समझ में आ गया के जो हुआ सब सही है
खुशी नहीं तो गम ही सही, ऐसा तो नहीं के कुछ भी नहीं है

तब इतनी मुद्दतों से ख़ामोश रहने का मतलब नहीं नीकलता
आखें मूँद लेने से कभी सामने का ज़ाहीर सच नहीं बदलता

हर गम को एक ही तराजू में तौलने की ज़रूरत नहीं है
हर रंग का एक अपना अलग ही रंग है इस जहाँ में

ज़िन्दगी होती ही है छोटी, पता ही न चला कब मिट गई
बस चंद नगमों मैं ही हमारी पूरी कहानी ही सिमट गई

1 comment:

  1. दीपावली, गोवर्धन-पूजा और भइया-दूज पर आपको ढेरों शुभकामनाएँ!

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