Gujarish

Gar sajda waakai hai dil au rooh ki paak awaaz, to uthaaiye paimaana aur kehiye "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Gar na lage ki is ibaadat gaah main khuda nahin, to ek sher ada kijiye aap bhi "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Sunday, February 7, 2010

इरशाद इरशाद

नूर-ए-इल्म से नाता है इंसा का पैदाइश के साथ
दायरा-ए-अंधेर बढ़ता ही जाता है, रौशनी के साथ

ग़मों का दरिया कर जाता है हर बे-ग़म को बर्बाद
कतरे कतरे का नाता है इसका अपनी किसी बेगम के साथ

चीर के रख दो किसी का फ़ोलादी जिस्म,
या कि दो लब्ज़ अर्ज़ करो मजनू के मसलन,
कहो वो, जो हो चुका, जो हो रहा है, और जो होगा इन्तेकाल के बाद,
महफ़िल में पड़ा, हर शराबी तो चीखता है बस इरशाद ! इरशाद ! इरशाद !

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