Gujarish

Gar sajda waakai hai dil au rooh ki paak awaaz, to uthaaiye paimaana aur kehiye "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Gar na lage ki is ibaadat gaah main khuda nahin, to ek sher ada kijiye aap bhi "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Monday, June 21, 2010

benaam rishta

हर चिलमन की फितरत में दाग नहीं होता
हर मोड़ सफ़र का मुकम्मिल मकाम नहीं होता
हर चिंगारी का आग अंजाम नहीं होता
हर लिफ़ाफ़े में ख़ुशी का पैगाम नहीं होता
आंशू भी कभी ख़ुशी के होते हैं यहाँ
और ग़मों का भी कभी भरा पूरा सागर
मगर हर रिश्ते का यहाँ नाम नहीं होता
और हर बेनाम रिश्ता बदनाम नहीं होता

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