Gujarish

Gar sajda waakai hai dil au rooh ki paak awaaz, to uthaaiye paimaana aur kehiye "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Gar na lage ki is ibaadat gaah main khuda nahin, to ek sher ada kijiye aap bhi "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Friday, January 2, 2015

गर्दिश में भी....

गर्दिश में भी हसीं अरमान  रखते हैँ,
फुर्सत में तो आखों में  आसमान रखते हैं,
समंदर की लहरों में अपना जाम रखते हैं,
हर महफ़िल में अलग पहचान रखते हैं!

ज़िन्दगी कुछ ईस क़दर सरे-आम रखते हैं,
की मौत के आगे का भी मुक़ाम रखते हैं,
पर केवल तेरे लिए ये इमान रखते हैं ,
कि तेरे बिना ये ज़िंदगी हराम रखते हैं!

तेरे भेजे सारे पैग़ाम रखते हैं,
तेरे छुवे सारे सामान रखते हैं,
तेरी यादों की एक दूकान रखते हैं ,
दिल में मोहब्बत का एक तूफ़ान रखते हैं !

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