Gujarish

Gar sajda waakai hai dil au rooh ki paak awaaz, to uthaaiye paimaana aur kehiye "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Gar na lage ki is ibaadat gaah main khuda nahin, to ek sher ada kijiye aap bhi "ai janaab" ... "IRSHAAD"

Thursday, November 26, 2015

तपते-जलते, लड़ते-मरते रहते हो

दंगों में तलवार उठा लेते हो,
पर्वत तोड़ के दयार बना लेते हो,
हर जबाब से एक नया सवाल बना लेते हो,
जरा-जरा सी बात का बवाल बना लेते हो,
लड़ते-मरते, तपते-जलते रहते हो,
तपते-जलते, लड़ते-मरते रहते हो!

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